लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में बड़ा एक्शन देखने को मिला है। एटीएस की कार्रवाई के बाद सामने आई जानकारी के आधार पर बिजनौर के एक इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि एक सीओ को लाइन हाजिर किया गया है।
लखनऊ ATS गिरफ्तारी मामले ने पुरानी जांच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें कथित तौर पर बड़ी लापरवाही सामने आई है।
AK-47 को खिलौना बताने का आरोप
जांच में सामने आया है कि पहले की जांच के दौरान वीडियो कॉल में दिख रहे हथियारों को गंभीरता से नहीं लिया गया। आरोप है कि AK-47 को खिलौना और हैंड ग्रेनेड को परफ्यूम की बोतल बताया गया।
इसी आधार पर संदिग्धों को क्लीनचिट दे दी गई थी, जो अब ATS की कार्रवाई के बाद गलत साबित होती दिख रही है।
6 महीने पुराना वीडियो बना बड़ा सबूत
पूरा मामला एक वायरल वीडियो से जुड़ा है, जो करीब छह महीने पहले सामने आया था। इस वीडियो में एक युवक दुबई में बैठे आकिब नाम के व्यक्ति से वीडियो कॉल पर बात करता नजर आया था, जिसमें हथियार भी दिखाई दे रहे थे।
उस समय इस मामले की जांच स्थानीय पुलिस को सौंपी गई थी, लेकिन जांच में गहराई नहीं बरती गई।
लखनऊ से आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद खुला राज
हाल ही में हुई लखनऊ ATS गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उनका संपर्क विदेश में बैठे आकिब से था, जो पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था।
एटीएस को आरोपियों के पास से कई संदिग्ध सामग्री भी मिली है, जिससे बड़ी साजिश की आशंका जताई जा रही है।
कई शहरों में हमले की थी साजिश
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं था। आरोपियों की योजना अन्य शहरों में भी हमले करने की थी।
डिजिटल सबूत और ऑडियो इनपुट के आधार पर एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं।
पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
लखनऊ ATS गिरफ्तारी के बाद सामने आई लापरवाही को गंभीर मानते हुए विभागीय कार्रवाई की गई है। इससे साफ संकेत दिया गया है कि ऐसे मामलों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
साथ ही, पुराने मामलों की भी दोबारा समीक्षा की जा रही है।
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