लखनऊ मेट्रो फेज-2 को बड़ा वित्तीय सहारा
लखनऊ में मेट्रो विस्तार को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शहर के चारबाग से बसंतकुंज तक प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (फेज-2) को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वित्तीय मदद मिल गई है। न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) ने इस परियोजना के लिए 2883.93 करोड़ रुपये के लोन को मंजूरी दे दी है, जो कुल लागत का करीब 50% है।
लखनऊ मेट्रो फेज-2: 2 महीने में तेज होगा निर्माण कार्य
यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन फिलहाल लोन से जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इसमें करीब डेढ़ से दो महीने का समय लगेगा। इसके बाद निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
इस कॉरिडोर की कुल अनुमानित लागत लगभग 5801.05 करोड़ रुपये बताई गई है।
केंद्र और राज्य सरकार भी देंगी योगदान
परियोजना की फंडिंग में बाकी बची राशि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देंगी। दोनों सरकारें लगभग 1446.96-1446.96 करोड़ रुपये का योगदान करेंगी।
इससे पहले लखनऊ और कानपुर मेट्रो के लिए यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक से लोन लिया गया था, लेकिन अब ब्याज दर अधिक होने के कारण NDB से फंडिंग ली जा रही है।
पहले चरण में 5 एलिवेटेड स्टेशन
लखनऊ मेट्रो फेज-2 लोन मिलते ही पहले चरण में पांच एलिवेटेड स्टेशनों का निर्माण शुरू किया जाएगा। ठाकुरगंज से बसंतकुंज तक करीब 4.6 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड ट्रैक पर काम होगा।
इसके साथ ही डिपो को जोड़ने के लिए रैंप का निर्माण भी शामिल रहेगा।
कुल 11.16 किमी लंबा होगा कॉरिडोर
ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की कुल लंबाई 11.16 किलोमीटर होगी। इसमें 12 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें:
- 5 स्टेशन एलिवेटेड
- 7 स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे
अंडरग्राउंड स्टेशनों में नवाबगंज, मेडिकल चौराहा, सिटी रेलवे स्टेशन, पांडेयगंज, अमीनाबाद, गौतमबुद्ध मार्ग और चारबाग शामिल हैं।
चारबाग बनेगा इंटरचेंज हब
चारबाग स्टेशन इस कॉरिडोर का सबसे अहम इंटरचेंज प्वाइंट होगा। यहां से नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर (मुंशीपुलिया से एयरपोर्ट) के साथ कनेक्टिविटी मिलेगी।
यात्रियों को ईस्ट-वेस्ट रूट से एयरपोर्ट या मुंशीपुलिया जाने के लिए चारबाग पर मेट्रो बदलनी होगी।
क्यों खास है ये लखनऊ मेट्रो फेज-2 प्रोजेक्ट?
- शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करेगा
- पुराने शहर और नए इलाकों को जोड़ेगा
- बेहतर और तेज पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराएगा
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